CalcElf › ऊर्ध्वाधर वृत्ताकर पथ R = 2.5 मीटर : शीष्र्श बिंदु पर ठीक गुजरना
ऊर्ध्वाधर वृत्ताकर पथ R = 2.5 मीटर : शीष्र्श बिंदु पर ठीक गुजरना
एक छोटा गोला एक ऊर्ध्वाधर वृत्ताकर पथ के अंदरूनी चिकने भुज्गल पर चलता है, जिसकी त्रिज्या R = 2.5 मीटर है (g = 10 मीटर/सेकंड² मानें)। गोला ठीक शीष्र्श बिंदु से गुजर सकता है, इसके शीष्र्श और निचले बिंदु पर चाल ज्ञात करें।
उत्तर
शीर्ष पर वेग 5 मीटर/सेकंड, निचले बिंदु पर वेग ≈ 11.1803 मीटर/सेकंड
चरण-दर-चरण हल
- mg = mv_शीर्ष²/r → v_शीर्ष = √(gr) = √(10×2.5) = 5शीर्ष बिंदु से ठीक गुजरना: गुरुत्वाकर्षण बल पूर्ण अभिकेंद्रीय बल प्रदान करता है (रस्सी/पथ द्वारा लगाया गया बल 0 है)
- ½mv_तल² = ½mv_शीर्ष² + mg·2r → v_तल = √(5gr) = 11.1803निचले बिंदु से ऊपरी बिंदु तक ऊँचाई का अंतर 2r है, और यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है
यह क्यों काम करता है
ठीक गुजरने पर शीष्र्श बिंदु पर पथ का बल शून्य होता है, केवल गुरूत्व बल अपकेंद्रिक बल पूरे करता है, mg = mv_shirsh²/R, इसलिए v_shirsh = √(gR)। निचले और शीष्र्श बिंदु के मध्य ऊंचाइ का अंतर 2R है, यान्त्रिक ऊर्जा संरक्षण से v_nichla² = v_shirsh² + 4gR।
सामान्य गलतियाँ
- वर्गमूल भूलकर शीष्र्श बिंदु की चाल 25 मीटर/सेकंड लिख दी, सही जवाब 5 मीटर/सेकंड है।
- शीष्र्श बिंदु पर चाल त्रिज्या से असंबंधित होने का गलत धारणा रखी।
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